कहीं त्रिवेंद्र की तरह टाइम पास तो नहीं करेंगे धामी

कहीं त्रिवेंद्र की तरह टाइम पास तो नहीं करेंगे धामी

2017 में 57 विधायकों वाली सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत पर जिस तरीके के गम्भीर आरोप लगे थे कहीं वही बात 47 विधायकों वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर न उठने लग जाए।
जहां राज्य में चार धाम यात्रा चरम पर है, सरकारी अव्यवस्थाएं जग जाहिर हैं, वहीं मुख्यमंत्री धामी अपने राजकीय बागान में लीची के साथ फोटो खिंचवाकर खबर शेयर करवा रहे हैं।

यही नहीं जिला रुद्रप्रयाद के केदारनाथ धाम में यात्रा अपनी सीमाओं को तोड़कर अव्यवस्था को जन्म दे चुकी है जिसका उदाहरण पुलिस के एक वायरल वीडियो में दिखा, जिसमे बिना पंजीकृत यात्रियों को केदारनाथ भेजा गया। इसके अलावा सोनप्रयाग में यात्रियों से पैसे लेकर उनको सरकारी बिस्तर उपलब्ध करवाया गया। एक पुलिसकर्मी द्वारा पीआरडी जवान की हत्या हो गई। आये दिन सड़कों में जाम से यात्री परेशान है। बावजूद ऐसी तमाम समस्याओं पर मुख्यमंत्री की ऐसी फोटो आना उनकी राज्य में पसरी समस्याओं के प्रति संवेदना की उदासीनता को प्रदर्शित करती है।
शायद वो ये समझ चुके हैं कि राज्य की राजनीति में ऐसी ही गतिविधियों और फोटोशूट से खुद को स्थायी रखा जा सकता है।

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