तम्बाखू तो छोटी बात हो गई अबतो चरस गांजे से भी खतरनाक नशे से बचने की बातें हो

तम्बाखू तो छोटी बात हो गई अबतो चरस गांजे से भी खतरनाक नशे से बचने की बातें हो

अपने बच्चों को यदि ऐसे नशे से बचाना है तो खुद ही सावधान रहना पड़ेगा वरना “अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत” वाली बात न हो जाए।
जैसे जैसे हम खुद आधुनिक हो रहे हैं वैसे भी कई प्रकार के खतरनाक नशे हमारे समाज में आने लग गए हैं। इन नशों में ऐसे नशे तक हैं कि लेने वाले को खुद कुछ पता तक नहीं होता कि वो आखिर कर क्या रहा है। यहां तक कि ऐसे नशाखोरों के खिलाफ पुलिस भी उनकी जान बचाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं कर पाती है।

ये बातें उन मां पिता और अभिभावकों के लिए हैं जो अपने नौनिहालों को इस नशे से बचा सकते हैं क्योंकि इसकी लत लगने के बाद कोई बाहर वाला बहुत मुश्किल से ही आपके बच्चे को इस नशे से बचा सकता है।
ऐसे नशे सिर्फ बचाव ही सावधानी के नियम पर बने हैं क्योंकि एक बार इनकी चपेट में आने के बाद इनसे उबर पाना काफी कठिन देखा गया है।
उपरोक्त लेख कई अनुभवियों से चर्चा के बाद लिखा गया है।

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